ग्रंथसार
वामन ने जब अपना विराट रूप धारण किया, तो बलि के अहंकार का घमंड पूरी तरह चूर-चूर हो गया।
वामन उपपुराण · अध्याय 6
विराट स्वरूप और विनम्रता का पाठ