ग्रंथसार
यह कथा भाई-बहन के उस पवित्र प्रेम की है जिसने मृत्यु के देवता को भी स्नेह के बंधन में बाँध लिया।
दीपावली की कथाएँ · पाठ 6
भाई दूज: यम और यमुना