ग्रंथसार
नवरात्रि के पहले दिन कलश के पास जलती लौ हमें माँ शैलपुत्री की उस कथा तक ले जाती है, जिसमें एक दुखभरे अंत के बाद जीवन फिर नया आरंभ पाता है।
नवदुर्गा: नौ दिन, नौ रूप — कथा, व्रत और पूजन · पाठ 2
पहला दिन: माँ शैलपुत्री