ग्रंथसार
क्रोध से उनका मुख काला पड़ गया और उनके ललाट से एक अति भयावह रूप प्रकट हुआ, जो माँ कालरात्रि कहलाईं।
नवरात्रि और नवदुर्गा · पाठ 7
माँ कालरात्रि