ग्रंथसार
श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह पर्व उस पवित्र धागे की कथा है जो केवल एक बंधन नहीं, बल्कि एक भावना है, एक प्रतिज्ञा है, एक रक्षा कवच है।
पर्वों की वास्तविक कथाएँ · पाठ 6
रक्षाबंधन