ग्रंथसार
आषाढ़ मास की पूर्णिमा का दिन, आकाश में चाँद अपनी पूरी कलाओं से चमक रहा है, और धरती पर हर शिष्य का हृदय अपने गुरु के प्रति कृतज्ञता से भरा हुआ है।
पावन तिथियों की कथाएँ · पाठ 3
गुरु पूर्णिमा