ग्रंथसार
शीत की ठिठुरती रातों में जब प्रकृति मौन हो जाती है, तब एकादशी का दीपक हमारी आंतरिक चेतना के द्वार पर कैसे दस्तक देता है, आइए गुरु-शिष्य के इस संवाद से जानें।
शिशिर के पर्व · पाठ 3
एकादशी और शीतकालीन साधना