ग्रंथसार
एक दरिद्र ब्राह्मणी और एक अनाथ राजकुमार की यह कथा बताती है कि कैसे भगवान शिव की भक्ति सबसे गहरे संकट से भी बाहर निकलने का मार्ग दिखा सकती है।
शिव पर्व कथाएँ · पाठ 4
प्रदोष व्रत की महिमा