ग्रंथसार
चंद्र देव की क्षीण होती काया और अंधकार में डूबते संसार को देख सभी देवता व्याकुल हो उठे।
शिव पर्व कथाएँ · पाठ 5
सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की कथा