ग्रंथसार
आश्रम की कुटिया में झमाझम वर्षा की बूंदें गिर रही थीं, और गुरुवर के मुख से सावन की महिमा सुनकर देवरात का मन भावविभोर हो उठा।
वर्षा के पर्व · पाठ 3
सावन: भक्ति और आस्था का मास