ग्रंथसार
गुरुदेव, वर्षा के शांत होते ही प्रकृति में यह कैसा मौन पसर जाता है जो हमें भीतर तक झकझोर देता है?
वर्षा के पर्व · पाठ 9
पितृ पक्ष: कृतज्ञता और स्मरण का काल