ग्रंथसार
सावित्री की कथा केवल अपने पति को वापस पाने की नहीं, कठिन घड़ी में धैर्य, विवेक और अपनी बात पर टिके रहने की भी कथा है।
व्रत-पर्व: विधि, कथा और तिथि · पाठ 10
वट सावित्री व्रत