ग्रंथसार
प्रदोष की एक प्रचलित कथा में भगवान शिव की संध्या-आराधना के साथ एक माँ का आश्रय, दो बच्चों का साथ और बिछड़े घर की वापसी जुड़ी है।
व्रत-पर्व: विधि, कथा और तिथि · पाठ 2
प्रदोष व्रत