ग्रंथसार
सत्यनारायण की कथा में बार-बार टलता एक संकल्प और छूट गया प्रसाद हमें अपने ही जीवन की छोटी भूलों के पास ले आते हैं।
व्रत-पर्व: विधि, कथा और तिथि · पाठ 3
पूर्णिमा व्रत और सत्यनारायण