ग्रंथसार
क्या दीर्घायु का अर्थ केवल सांसों का चलना है, या फिर यह एक जीवन-पद्धति का अनुशासन है जिसे हम विस्मृत कर चुके हैं?
अथर्ववेद · अध्याय 14
आयुष्य विद्या: दीर्घायु और कल्याण