ग्रंथसार
गुरुदेव, गृहस्थ जीवन की उलझनों के बीच वह कौन सा सूत्र है जिससे घर का आंगन सदैव प्रफुल्लित रहे?
अथर्ववेद · अध्याय 22
पारिवारिक सामंजस्य और गृहस्थी