ग्रंथसार
प्रकृति की गोद में सिमटा वह आरोग्य का विज्ञान, जो केवल शरीर को नहीं, आत्मा को भी नवजीवन प्रदान करता है।
अथर्ववेद · अध्याय 13
भैषज्य विद्या: आरोग्य का विज्ञान