ग्रंथसार
क्या आपने कभी सोचा है कि काल केवल घड़ी की सुइयों की गति है, या वह कोई अदृश्य शक्ति है जो पूरे ब्रह्मांड को अपने चक्र में घुमा रही है?
अथर्ववेद · अध्याय 17
काल का अनंत चक्र