ग्रंथसार
क्या आप जानते हैं कि हमारे प्राचीन ग्रंथों में स्वास्थ्य को केवल बीमारी का अभाव नहीं, बल्कि पूर्ण आयु और परम आनंद की अवस्था माना गया है?
अथर्ववेद · अध्याय 2
स्वास्थ्य और आयुष्कामन