ग्रंथसार
नदी के तट पर स्थित आश्रम की शांत संध्या में, गुरु और शिष्य के बीच ज्ञान का वह अनूठा संवाद आरंभ हुआ, जो सदियों से ऋषियों की परंपरा को जीवंत रखे हुए है।
ऋग्वेद · अध्याय 2
ऋषि परिवारों की परंपरा