ग्रंथसार
ध्वनि का वह अनहद नाद क्या है, जो भाषा की परिधि के पार जाकर सीधे आत्मा के तारों को झंकृत कर देता है?
सामवेद · अध्याय 13
स्वर और स्तोभ का विज्ञान