ग्रंथसार
ध्वनि के स्पंदन से आत्म-साक्षात्कार का मार्ग आज भी उसी पुरातन गुफा में गूँज रहा है जहाँ गुरु की वाणी शिष्य के भीतर का सन्नाटा तोड़ती है।
सामवेद · अध्याय 17
ध्वनि के माध्यम से ध्यान