ग्रंथसार
अश्वमेध केवल एक अनुष्ठान नहीं, अपितु अहंकार के विसर्जन और विराट के प्रति समर्पण की महागाथा है।
यजुर्वेद · अध्याय 9
अश्वमेध: विराट विश्व का अर्पण