ग्रंथसार
ब्रह्मांड की विशालता और उसमें छिपे सूक्ष्म अनुशासन के रहस्यों को समझने की जिज्ञासा ही आत्म-ज्ञान का प्रथम सोपान है।
यजुर्वेद · अध्याय 17
सार्वभौमिक व्यवस्था का गतिशास्त्र