ग्रंथसार
आत्म-बोध का वास्तविक अर्थ केवल बुद्धि का विस्तार नहीं, अपितु जीवन के हर क्षण में उस शाश्वत शांति को अनुभव करना है।
आत्मा और ब्रह्म · पाठ 10
आत्म-ज्ञान का फल