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आत्मा और ब्रह्म
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आत्मा और ब्रह्म

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सम्पादकीय कथा-रूपान्तरण — मूल शास्त्र-पाठ नहीं

आत्मा और ब्रह्म

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  1. ॐमैं कौन हूँ?पाठ 1
  2. ॐआत्मा का स्वरूपपाठ 2
  3. ॐब्रह्म: संपूर्ण सत्यपाठ 3
  4. ॐअस्तित्व के पाँच कोशपाठ 4
  5. ॐचेतना की तीन अवस्थाएंपाठ 5
  6. ॐसाक्षी भावपाठ 6
  7. ॐविविध दर्शन और आत्म-बोधपाठ 7
  8. ॐमाया का स्वरूप और प्रभावपाठ 8
  9. ॐआत्म-विचार: स्वयं की खोजपाठ 9
  10. ॐआत्म-ज्ञान का फलपाठ 10
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सम्पादकीय सिद्धान्त

मूल स्रोत, अनुवाद, सरल व्याख्या और परम्परागत टीका सदा अलग-अलग अंकित रहते हैं। कुछ भी गढ़ा नहीं जाता; अनुपलब्ध सामग्री को अनुपलब्ध अंकित किया जाता है।

सम्पादकीय कथाएँ इसी रूप में अंकित हैं और शास्त्र नहीं हैं। किसी परम्परा को दूसरी से ऊँचा नहीं बताया जाता।

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