ग्रंथसार
माया वह जादुई पर्दा है जो हमें एक ही सत्य के अनंत टुकड़े देखने पर मजबूर करता है।
आत्मा और ब्रह्म · पाठ 8
माया का स्वरूप और प्रभाव