ग्रंथसार
भक्ति, ज्ञान और कर्म अलग-अलग धाराएं नहीं, बल्कि एक ही महासागर की ओर जाती हुई जीवन की तीन नदियां हैं।
भक्ति, ज्ञान और कर्म · पाठ 6
मार्गों का मिलन