ग्रंथसार
क्या हम अपना मार्ग चुनते हैं, या हमारा स्वभाव ही हमारे लिए मार्ग चुन लेता है?
भक्ति, ज्ञान और कर्म · पाठ 9
मार्ग का चुनाव और स्वभाव