ग्रंथसार
धर्म, कर्म और मुक्ति का यह त्रिपुटी किसी शुष्क सिद्धांत का नाम नहीं, बल्कि जीवन की उस बहती हुई धारा का नाम है जो हमें हर पल आत्म-साक्षात्कार की ओर ले जाती है।
धर्म, कर्म और मोक्ष · पाठ 10
समन्वय का जीवन: धर्म, कर्म और मुक्ति