ग्रंथसार
जब कर्तव्य की राह धुंधली हो जाए, तब साहस केवल तलवार उठाने में नहीं, बल्कि सही दिशा की पहचान करने में होता है।
वीर चरित्र · पाठ 1
अस्पष्टता में साहस