ग्रंथसार
आश्रम की शांत संध्या में, जब गुरु ने मोक्ष के त्रिरत्नों का रहस्य खोला, तो देवरात के अंतर्मन में ज्ञान का एक नया सूर्य उदित हो उठा।
जैन दर्शन · पाठ 12
सम्यक दर्शन, ज्ञान और चारित्र का मार्ग