ग्रंथसार
क्या जीवन के परम लक्ष्य तक पहुँचने के लिए केवल जानकारी पर्याप्त है, या इसके पीछे कोई गहरी साधना छिपी है?
जैन दर्शन · पाठ 7
सम्यक दर्शन-ज्ञान-चारित्र