ग्रंथसार
क्या आप जानते हैं कि वह कौन है, जो आपके बदलते हुए हर सुख और दुख को भी शांत भाव से देख रहा है?
सांख्य दर्शन · पाठ 13
द्रष्टा की साक्षी