ग्रंथसार
क्या आपने कभी सोचा है कि जिस ठोस संसार को आप स्पर्श करते हैं, उसके मूल में केवल सूक्ष्म कणों का नृत्य छिपा है?
वैशेषिक दर्शन · पाठ 11
परमाणु जगत का आधार