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सम्पादकीय कथा-रूपान्तरण — मूल शास्त्र-पाठ नहीं

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  1. ॐव्यवस्था की खोजपाठ 1
  2. ॐनौ आधारभूत द्रव्यपाठ 2
  3. ॐपरमाणु का सत्यपाठ 3
  4. ॐगुणों का संसारपाठ 4
  5. ॐकर्म का रहस्यपाठ 5
  6. ॐसामान्य और विशेषपाठ 6
  7. ॐसमवाय का बंधनपाठ 7
  8. ॐकारण और कार्य का चक्रपाठ 8
  9. ॐप्रत्यक्ष और अनुमान का मार्गपाठ 9
  10. ॐधर्म और अदृष्ट का आधारपाठ 10
  11. ॐपरमाणु जगत का आधारपाठ 11
  12. ॐसृष्टि का चक्र और प्रलयपाठ 12
  13. ॐमुक्ति का मार्ग और परम शांतिपाठ 13
  14. ॐअंतिम मुक्ति का स्वरूपपाठ 14
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सम्पादकीय सिद्धान्त

मूल स्रोत, अनुवाद, सरल व्याख्या और परम्परागत टीका सदा अलग-अलग अंकित रहते हैं। कुछ भी गढ़ा नहीं जाता; अनुपलब्ध सामग्री को अनुपलब्ध अंकित किया जाता है।

सम्पादकीय कथाएँ इसी रूप में अंकित हैं और शास्त्र नहीं हैं। किसी परम्परा को दूसरी से ऊँचा नहीं बताया जाता।

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