ग्रंथसार
क्या आपने कभी सोचा है कि यह विशाल ब्रह्मांड एक जलते हुए दीपक की भांति अपनी आयु पूरी कर पुनः शून्य में विलीन क्यों हो जाता है?
वैशेषिक दर्शन · पाठ 12
सृष्टि का चक्र और प्रलय