ग्रंथसार
नवरात्रि का उत्सव एक ऐसी यात्रा है जो हमें स्वयं के भीतर देवी के नौ अलग-अलग गुणों के जागरण की ओर ले जाती है।
देवी स्वरूप · पाठ 5
नवरात्रि के नौ स्वरूप