ग्रंथसार
परिवार की धुरी के रूप में स्त्री का सम्मान और उनके प्रति समाज का दायित्व ही एक सुखी जीवन की आधारशिला है।
मनुस्मृति · पाठ 10
स्त्री और परिवार