ग्रंथसार
विचारों की इस लंबी यात्रा का निष्कर्ष यही है कि शास्त्र वही है जो हमें स्वयं के भीतर गहराई से उतरने की प्रेरणा दे।
मनुस्मृति · पाठ 12
सचेत स्वाध्याय