ग्रंथसार
महाकाव्य केवल गाथाएं नहीं हैं; वे हमारी आत्मा का दर्पण हैं, जहाँ धर्म और अधर्म का द्वंद्व हर युग में जीवित रहता है।
स्मृति और इतिहास काल · पाठ 3
इतिहास का स्वरूप: महाकाव्यों और आख्यानों की आत्मा