ग्रंथसार
सृष्टि में जब भी अंधकार बहुत गहरा हो जाता है, जब धर्म की हानि होने लगती है और अधर्म बढ़ने लगता है, तब संसार की रक्षा के लिए स्वयं भगवान इस धरती पर अवतरित होते हैं।
अवतार कथाएँ · पाठ 1
भगवान अवतार क्यों लेते हैं