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सम्पादकीय कथा-रूपान्तरण — मूल शास्त्र-पाठ नहीं

अवतार कथाएँ

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  1. ॐभगवान अवतार क्यों लेते हैंपाठ 1
  2. ॐमत्स्य अवतारपाठ 2
  3. ॐकूर्म अवतारपाठ 3
  4. ॐवराह अवतारपाठ 4
  5. ॐनृसिंह अवतारपाठ 5
  6. ॐवामन अवतारपाठ 6
  7. ॐपरशुराम अवतारपाठ 7
  8. ॐश्रीराम अवतारपाठ 8
  9. ॐबलराम अवतार कथापाठ 9
  10. ॐश्रीकृष्ण अवतार कथापाठ 10
  11. ॐबुद्ध अवतारपाठ 11
  12. ॐकल्कि अवतार की कथापाठ 12
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सम्पादकीय सिद्धान्त

मूल स्रोत, अनुवाद, सरल व्याख्या और परम्परागत टीका सदा अलग-अलग अंकित रहते हैं। कुछ भी गढ़ा नहीं जाता; अनुपलब्ध सामग्री को अनुपलब्ध अंकित किया जाता है।

सम्पादकीय कथाएँ इसी रूप में अंकित हैं और शास्त्र नहीं हैं। किसी परम्परा को दूसरी से ऊँचा नहीं बताया जाता।

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