ग्रंथसार
कारागार के घोर अंधकार में, जब कंस देवकी की सातवीं संतान की प्रतीक्षा कर रहा था, तब आकाश में एक अद्भुत लीला रची जा रही थी।
अवतार कथाएँ · पाठ 9
बलराम अवतार कथा