ग्रंथसार
श्रीमद्भागवतम् में भक्त और भगवान के अद्भुत सम्बन्ध की एक ऐसी कथा आती है, जो दर्शाती है कि सच्ची भक्ति के आगे स्वयं भगवान भी झुक जाते हैं।
भक्तों की कथाएँ · पाठ 6
राजा अम्बरीष और दुर्वासा