ग्रंथसार
जब एक छोटा सा साग का पत्ता हज़ारों ऋषियों की भूख शांत कर गया, यह कथा भगवान की भक्त-वत्सलता का अद्भुत प्रमाण है।
भक्तों की कथाएँ · पाठ 9
द्रौपदी का अक्षय पात्र