ग्रंथसार
हमारी वाणी का प्रभाव केवल शब्दों तक सीमित नहीं है, यह हमारे मन की शुद्धि का प्रमाण है।
व्यवहार नीति · पाठ 2
वाणी का विवेक: घर और कार्यक्षेत्र