ग्रंथसार
मायावी मारीच का वह स्वर्ण रूप, जिसने माता सीता के मन को मोह लिया और नियति का चक्र घुमा दिया।
अरण्यकाण्ड · प्रसंग 8
स्वर्ण मृग और मारीच का प्रपंच