ग्रंथसार
क्या आप जानते हैं कि आपकी श्वास केवल हवा का आना-जाना नहीं, बल्कि आपकी चेतना और स्थिरता के बीच का एक अदृश्य सेतु है?
अष्टांग योग · पाठ 5
प्राणायाम: चेतना का सेतु