ग्रंथसार
क्या आप जानते हैं कि ध्यान के विशाल महल की नींव किसी कठोर तपस्या में नहीं, बल्कि केवल एक बार सही ढंग से बैठ जाने में छिपी है?
ध्यान और मंत्र · पाठ 1
स्थिर बैठने की कला